नगर एवं आधारभूत संरचना

Urban

आधारभूत संरचना किसी भी क्षेत्र की प्रगति और विकास के अभिन्न अंग है। उपग्रह चित्र उनके स्थानिक, कालिक और स्पैक्ट्रमी विशेषताओं के कारण , भूमि-उपयोग / भूमि-आवरण (वर्तमान और पूर्व), मौजूदा बुनियादी ढांचे, भू-भाग की विशेषताएं आदि के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान करते हैं, जो कम समय में लागत प्रभावी ढंग से ढांचों की नियोजन, निगरानी और प्रबंधन की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण हैं। भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) अनुकूलित निर्णय समर्थन उपकरण के साथ विभिन्न आंकड़ासैटों और उनके दृश्य के एकीकृत विश्लेषण की सुविधा प्रदान करते हैं।


प्रमुख उपलब्धियां

  • उपग्रह आंकड़े भूमि उपयोग / भू-आवरण, स्थलाकृति, वनस्पति आवरण, जल निकायों इत्यादि पर आधारभूत जानकारी प्रदान करता है, जो आधारभूत संरचनाओं के नियोजन के लिए महत्वपूर्ण है
  • अंतरिक्ष-आधारित सूचना और भू-स्थानिक विश्लेषण उपकरण कई अनुप्रयोगों का समर्थन करते हैं जैसे : शहरी और क्षेत्रीय योजना ₋ मार्ग संरेखण (सड़क, रेल, तेल / गैस पाइपलाइन, आदि) ₋ साइट उपयुक्तता विश्लेषण (पनबिजली परियोजना, नई बस्ती, आदि) सुविधा और यूटिलिटी नियोजन लैंडफिल साइट, स्कूल, अस्पताल, आदि) ₋ पर्यावरण प्रभाव आकलन
  • संबंधित शहरी स्थानीय निकायों द्वारा स्टेर योजनाओं को तैयार करने के लिए अंतरिक्ष आधारित सूचना निवेश का उपयोग करने के लिए शहरी विकास मंत्रालय द्वारा एक राष्ट्रीय मिशन का शुभारंभ किया गया
  •  नगर महायोजना तैयार करने के लिए भुवन एनयूआईएस

प्रमुख लाभ

अन्य भू-स्थानिक उपकरणों के साथ अंतरिक्ष आधारित सूचना निवेश बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के कुशल और लागत प्रभावी नियोजन, निगरानी और प्रबंधन में सहायक हैं।

शोध के क्षेत्र

  • रूफटॉप सौर क्षमता का आकलन करने के लिए शहर का त्रिविम मॉडल तैयार करना।
  • भविष्य की योजना के लिए शहरी विकास पूर्वानुमान और भूमि उपयोग / भूमि आवरण परिवर्तन मॉडलिंग
  • नदी बेसिन और शहरी जल विज्ञान पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव
  • ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार के उपयोग से भू-तकनीकी जांच और उप-सतह उपयोगिताओं का उपयोग
  • बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के व्यवहार्यता अध्ययन के लिए उन्नत भू-भाग मॉडलिंग (उच्च-विभेदन स्टीरियो उपग्रह / लीडार आंकड़ों के उपयोग से)

प्रचालनात्मक उत्पाद एवं सेवाएं

  • प्राथमिक विषयक मानचित्र उदाहरणार्थ वर्तमान एवं पूर्व के भू6मि उपयोग / भू-आवरण (एलयूएलसी), वर्तमान ढांचागत संरचना, टोपोग्राफी, भूविज्ञान
  • विषयक मानचित्रों से उपयोगिता सूचना उदाहरणार्थ भूमिगत जल की क्षमता, वनसमपति की किस्म एवं वितरण, बंजरभूमि आदि
  • जीआईएस आधारित विश्लेषण, उदाहरणार्थ मार्ग एवं कॉरिडोर नियोजन, विकास नियोजन, स्थल की उपयुक्तता विश्लेषण आदि
  •  भुवन एनयूआईएस के लिए नगर महायोजना की तैयारी
  • नगरपालिका जीआईएस

  पूरे किए गए कार्यक्रम / परियोजनाएं

  • राष्ट्रीय नगर सूचना प्रणाली (एनयूआईएस)
  • मानीटरन नगर विकास गतिकी – बैंगलौर शहर में सुदूर संवेदन

प्रगतिरत कार्यक्रम / परियोजनाए

  • मार्ग संरेखण एवं कॉरिडोर विश्लेषण
  • पुनर्प्रापण ऊर्जा के संरक्षण के लिए अन्तरिक्ष आधारित सूचना निवेश
  • राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का क्षेत्रीय नियोजन 2021

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