विकास योजना

आधुनिक भारत की संवृद्धि में विकास योजना केंद्रीय नीति बन गई है। संविधान के 73वें और 74वें संशोधन से समावेशी और सतत विकास के लिए स्थानीय स्वप्रशासन को बढ़ावा देने हेतु देश में विकेंद्रीकरण योजना प्रक्रिया अपनाई गई है।प्रभावी योजन एवं निर्णय लेने हेतु विविध पैमानों पर प्राकृतिक संसाधनों के बारे में विश्वसनीय, आवधिक और अद्यतन स्थानिक सूचना आवश्यक है। भूस्थानिक उपकरणों के साथ अंतरिक्ष आधारित युग्मित-सूचना स्रोत आंकड़ा आधार के निर्माण, प्रबंधन, प्रदर्शन और वितरण करने में सुविधा प्रदान करता है, जो कई-स्तरों पर सहभागिता विकास योजना के लिए महत्वपूर्ण है।

एनआरएससी दो दशकों से अधिक समय सेप्रयोक्ता समुदाय के लिए विविध ग्रामीण विकास अनुप्रयोगों पर सक्रिय रुप से महत्वपूर्ण सूचना प्रदान करता रहा है। जिसमें से प्रमुख हैं- (क) अंतरिक्ष आधारित प्रतिबिंबों और नमूना क्षेत्रीय अवलोकनों के प्रयोग से भूमिगत जल की संभावना वाले क्षेत्रों का मानचित्रण, (ख) देश में बंजरभूमि का बहु-कालिक मानचित्रण, जिसे पुनर्निर्मित कर उत्पादन के उद्येश्यों में उपयोग किया जा सके। इसके अलावा, बंजरभूमि में बदलाव की निगरानी भी करता है। (ग) एकीकृत जल ग्रहण विकास- देश में लगभग 175 सूखा संभावित जिलों के बिरानी भूमि क्षेत्रों में जल ग्रहण क्षेत्रों का चयन कर अवधारणा के प्रमाण के रुप में सतत विकास के लिए एकीकृत मिशन (आईएमएसडी) जैसे विशिष्ट राष्ट्रीय मिशन का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्येश्य भूमि और जल संरक्षण में बहु-विषयक जीआईएस आंकड़ों का प्रयोग करना था। (घ) ग्रामीण संसाधन केंद्र (वीआरसी), दूर-चिकित्सा और दूर-शिक्षा जैसे हाल के कुछ ऐसी तकनीकी पहल हैं, जो जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं और प्रयोक्ताओं को इसरो /अं. विभाग के साथ काम करने में सक्षम बनाता है।

प्रमुख उपलब्धियां

  • राष्ट्रीय प्राकृतिक संसाधन भंडार का निर्माण, व्यवस्थापन और अनुरक्षण
  • विकेंद्रीकृत नियोजन हेतु अंतरिक्ष-आधारित सूचना सहायता (सिस-डीपी)पर राष्ट्र-व्यापी पहल
  • प्रयोक्ता समुदाय द्वारा बहु-विध उपयोग हेतु भुवन जिओपोर्टल के माध्यम से भू-अवलोकन (ईओ) आंकड़ा उत्पाद एवं सेवाओं को साझा करना।
  • वेब मंच (प्लेटफार्म), भुवन-पंचायत के माध्यम से सक्षमजमीनी स्तर पर विकेंद्रीकृत नियोजन
  • समुदायों की सहभागिता के माध्यम से आंकड़ा के क्राउडसोर्सिंग के लिए मोबाइल ऐप.

प्रमुख लाभ

  • समयानुसार और लागत प्रभावी तरीके सेविकास परियोजनाओंका आयोजन,निगरानी और निष्पादन मूल्यांकन।
  • वैज्ञानिक एवं पारदर्शी निर्णय
  • नियोजन प्रक्रिया में समुदाय की सहभागिता के लिए अवसर

प्रचालनात्मक उत्पाद/ सेवाएं

  • उच्च विभेदन, ओर्थों -संशोधित उपग्रह आंकड़ा और विविध पैमानों पर (1:10,000, 1:50,000और 1:250,000)विषयक मानचित्रण
  • 1:250,000 (वार्षिक), 1:50,000 (प्रत्येक 5 वर्ष), और 1:10,000 पैमाने (जरुरत के आधार पर)भूमि उपयोग / भूमि आवरण सूचना
  • भुवन पंचायत

प्रगतिरत परियोजनाएं / कार्यक्रम

  • विकेन्द्रीकृत नियोजन के लिए अन्तरिक्ष आधारित सूचना सहायता (सिस-डीपी)
  • जलसंभर मानीटरन एवं प्रबंधन

संपादित परियोजनाएं कार्यक्रम

  • एसयूजेएएलए
  • एनडीडब्ल्यूपीआरए प्रभाव आकलन
  • कुंभ मेला
  • ग्रामीण विकास

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