कृषि

कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी मानी जाती है और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में आधारभूत क्षेत्र है। खाद्य सुरक्षा के मामले में सुविज्ञ निर्णय लेने हेतु कृषि पर समयबद्ध सूचना की उपलब्धता अत्यावश्यक है। भारत विश्व के कुछ देशों में से एक है जो फसल उत्पादन के नियमित नवीनीकरण आंकड़े तैयार करने के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और भू-आधारित अवलोकनों का उपयोग करता है और दीर्घकालिक कृषि लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सूचना प्रदान करता है।

कृषि की निगरानी में उपग्रह आधारित प्रकाशीय और रडार प्रतिबिंब-चित्र का उपयोग विस्तृत रुप से किया जाता है। रडार प्रतिबिंबकी का उपयोग, विशेषकर बरसात के मौसम के दौरान किया जाता है। समयबद्ध रुप से फसल उत्पादन पूर्वानुमान और सूखा आकलन एवं निगरानी को सक्षम बनाने के लिए फसल मॉडल और स्वस्थाने अवलोकन नेटवर्क के साथ भूस्थानिक उपकरणों का एकीकृत उपयोग किया जाता है ।


प्रमुख उपलब्धियां

• मौसम के दौरान फसल पूर्वानुमान व सूखा की स्थिति के आकलन प्रदान करने में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के प्रचालनात्मक प्रयोग के लिए कृषि एवं सहकारिता विभाग, कृषि मंत्रालय, भारत सरकार में महालेनोबिस राष्ट्रीय फसल पूर्वानुमान केंद्र की स्थापना।
 • 8 प्रमुख फसलों के लिए फसल उत्पादन पूर्वानुमान
 • राष्ट्रीय कृषि सूखा आकलन एवं निगरानी
 • देश-व्यापी कृषि भूमि-उपयोग मानचित्रण
 • बागवानी फसल की सूची
 • कृषि-मौसम विज्ञान प्राचल की पुनर्प्राप्ति और कृषि-सलाहकार सेवा के लिए सूचना
 • मीथेन उत्सर्जन की सूची एवं कार्बन का लेखा-जोखा

प्रमुख लाभ

 • कृषि नीति के बारे में निर्णय
 • सूखा घोषणा के बाद अनाज में कमी और आकस्मिक योजना
 • फसल नुकसान आकलन हेतु सहायता
 • अग्रिम फसल योजना और विविधीकरण
 • कृषि संबधी प्रथाओं का समय पर अनुकूलन
 • मांग-आधारित सिंचाई कार्यक्रम

संपादित कार्यक्रम / परियोजना

  • अंतरिक्ष, कृषि-मौसम विज्ञान और भूमि आधारित अवलोकनों के प्रयोग से कृषि उत्पादन का पूर्वानुमान (फसल)
  • राष्ट्रीय कृषि सूखा आकलन और निगरानी प्रणाली (एनएडीएएमएस)
  • फसल का आकलन
  • रीसैट-1 संकर ध्रुवनमापकीय आंकड़ा से धान की फसल की पहचान
  • सुदूर संवेदन और जीआईएस के प्रयोग से चाय के क्षेत्र का विकास और प्रबंधन
  • प्राकृतिक रबर के फसल आकलन के लिए भूस्थानिक प्रौद्योगिकी
  • राष्ट्रीय कृषि भूमि उपयोग मानचित्रण

प्रचालनात्मक उत्पाद/सेवाएं

  • 13 राज्यों में जिला स्तर पर आवधिक कृषि सूखा आकलन- 8 प्रमुख फसलों (धान (खरीफ, रबी), गेहूं, सरसों, पटसन, कपास, गन्ना, आलू, ज्वार) का क्षेत्रफल तथा उत्पाद आकलन।
  • फसल आधिक्य के लिए वार्षिक कृषि भूमि-उपयोग
  • बागवानी फसल की सूची
  • फसल प्रणाली का विश्लेषण
  • कृषि फसल निगरानी और कृषि सलाहकार सेवा के लिए उपग्रह आधारित जैव-भूभौतिकी उत्पाद (वनस्पति सूचकांक, वर्षा, सौर्य विकिरण)
  • टिकाऊ (सतत) कृषि के लिए सुदूर संवेदन में क्षमता निर्माण एवं जीआईएस अनुप्रयोग

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