विहंगावलोकन

इसरो के राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र(एनआरएससी) की हवाई सेवाएं तथा डिजिटल मानचित्रण क्षेत्र (एएस डीएमए) शुरु से अंत तक अत्याधुनिक अवसंरचना तथा क्षमता के साथ हवाई फोटोग्राफी, लिडार(एलआईडीएआर) और संश्लेषित द्वारक रडार सर्वेक्षण के क्षेत्र में देश की एकमात्र नागरिक सरकारी इकाई है ।

हवाई सेवाएं तथा अंकीय मानचित्रण क्षेत्र (एएस एवं डीएमए) के बेड़े में दो बीचक्राफ्ट सुपरकिंग एयर बी-200 वायुयान है । इस सुविधा में विभिन्न प्रकार के अत्याधुनिक आंकड़ा अर्जन उपकरण जैसे बृहत प्रारूप डिजिटल कैमरा, वायुवाहित लिडार(एलआईडीएआर), सार(एसएआर), एनालॉग मेट्रिक कैमरा, जीपीएस प्रणालियां शामिल हैं। एएस एवं डीएमए विशिष्ट वैज्ञानिक अभियानों में भी सहायता करता है। एएस एवं डीएमए संपूर्ण जिओमैटिक समाधानों के लिए एकमात्र केंद्र है । यह वायवाहित संवेदकों के संपूर्ण समूह जैसे एलएफडीसी, लिडार, हवाई सार, बहु-स्पेक्ट्रमी स्कैनर प्रणाली इत्यादि को संभाल सकता है । यह वायुयान जमीन के ऊपर 1000 फीट से 30000 फीट तक उड़ सकता है तथा इससे 1:400 से 1:40,000 के पैमाने वाले चित्र प्राप्त किये जा सकते हैं। इसकी दक्षता में हवाई सर्वेक्षण, भू नियंत्रण सर्वेक्षण, मूल्य वर्धित सेवाएं तथा संपूर्ण समाधान प्रदान करना शामिल है । हवाई सर्वेक्षण में हवाई फोटोग्राफी(श्याम-श्वेत,रंगीन, सीआईआर) का उपयोग करते हुए सर्वेक्षण- डिजिटल कैमरा एवं वायुवाहित लेजर भूभाग मानचित्रण (लिडार)/ डिजिटल कैमरा, वायुवाहित सिंथैटिक अपरचर रडार (सार) शामिल है ।

हवाई सर्वेक्षण

  • हवाई फोटोग्राफी (श्याम-श्वेत,रंगीन,सीआईआर)–डिजिटलकैमरा
  • वायुवाहित लेजर भूभाग मानचित्रण (लिडार)/ डिजिटल कैमरा
  • वायुवाहित संश्लेषित द्वारक रडार सर्वेक्षण(सार)

भूमि नियंत्रण सर्वेक्षण

  • जिओडेटिक्स जीपीएस रिसीवर सहित नियंत्रण सर्वेक्षण, सकल स्टेशन, ईडीएम तथा डिजिटल एवं स्व-स्तर अधिमूल्य सेवाएं।
  • हवाई/उपग्रह आंकड़ों का उपयोग करते हुए बृहत पैमाना वाले 3डी भूस्थानिक आंकड़ा आधार का निर्माण।
  • डीईएम/डीटीएम तथा ऑर्थो-संशोधित हवाई व उपग्रह आंकड़ों का निर्माण तथा भू-संपत्ति मानचित्रण।
  • उच्च विभेदन वाले उपग्रह आंकड़ों का उपयोग करते हुए मानचित्र का अद्यतन।

संपूर्ण समाधान

  • जीआईएस उपयोग
  • लिडार आंकड़ों का उपयोग करते हुए क्लोस समोच्च रेखा मानचित्रण तथा डीटीएम निर्माण
  • नहर/सड़क/रेलवे के लिए संरेखन अध्ययन
  • काटने और भरने का आयतन आकलन-आयतनमापी विश्लेषण
  • एल-काट, अनुप्रस्थ-काट, प्रोफाईल निर्माण
  • विद्युत-रेखा का मानीटरन तथा रखरखाव
  • --3-डी महानगर मॉडलिंग तथा अभिकल्पना

हवाई कैमरा

एएस एवं डीएमए के पास दो डिजिटल कैमरे हैं, वेक्सेल का अल्ट्राकैम-डी बृहत प्रारूप डिजिटल कैमरा तथा एनर्क्वेस्ट का 9 µm आयाम युक्त सीसीडी पिक्सल के साथ मध्यम प्रारूप कैमरा । बृहत प्रारूप डिजिटल कैमरा से 3 सेमी तक का विभेदन प्राप्त किया जा सकता है बृहत प्रारूप डिजिटल कैमरा (एलएफडीसी), अल्ट्राकैम-डी को शामिल और क्रियान्वित किया गया है। यह 9 µm पिक्सल आकार का 11500 x 7500 पिक्सल वाला तथा 2 µm ज्यामितीय सटीकता वाला एक फ्रेम कैमरा है । प्रणाली के मुख्य घटक हैं कैमरा, कम्प्यूटर नियंत्रित नौवहन प्रणाली(सीसीएनएस), वायु-नियंत्रण कम्प्यूटर, जीपीएस, जड़त्वीय मापन इकाई(आईएमयू), त्रि-अक्षीय स्थिर गाइरो माउंट ।

एलएफडीसी के प्रमुख लाभ

  • एनालॉग फिल्म के मामले में आवश्यक फिल्म संसाधन तथा स्कैनिंग चरणों का लोप
  • पैन, रंगीन तथा निकट अवरक्त (एनआईआर) चित्रों को प्रदान करता है
  • प्राकृतिक वर्ण चित्रों के कारण उन्नत विशेषता व्याख्या तथा स्वचालित विन्दु मिलान संभव
  • जीपीएस/आईएमयू का उपयोग करते हुए चित्रों का सीधा भू-संदर्भन

वायुवाहित लिडार

वायुवाहित लिडार एएस एवं डीएमए में एनर्क्वेस्ट मध्यम प्रारूप डिजिटल कैमरा, जीपीएस एवं आईएमयू से युक्त हवाई लिडार एएलएस 50 प्रणाली मौजूद है जो ऊंचाई सूचना, समतलमापी मानचित्रण उद्देश्यों के लिए बिम्बों के लिए लिडार आंकड़ों के एक साथ अर्जन तथा प्रत्यक्ष भू-संदर्भन के लिए जीपीएस एवं आईएमयू को सक्षम बनाती है । परिचय- वायुवाहित लिडार 1064 एनएम पर प्रचालित एक सक्रिय सुदूर संवेदन प्रणाली है तथा इसका उपयोग ±15 सेमी की ऊंचाई सटीकता के साथ लघुतर प्रत्यावर्तन काल (टीएटी) पर उच्च सटीक डीईएम/डीटीएम के निर्माण के लिए किया जाता है। लिडार का बहु प्रत्यर्पण प्रौद्योगिकी पेड़ों और घने छत्रों के नीचे भी भूमि की ऊंचाई का निर्धारण करने में मदद करता है।

लिडार प्रणाली

वायुवाहित लिडार एक ऑनबोर्ड शुद्धगतिक जीपीएस तथा एक जड़त्वीय मापन इकाई(आईएमयू) से एकीकृत है । जीपीएस प्रति आधे सेकेंड में वायुयान की स्थिति को मापता है तथा आईएमयू प्रति सेकेण्ड में 200 बार के दर से लेजर संवेदक की प्रवृत्ति को मापता है जिससे लेजर संवेदक के मुख्य स्थिति को निर्धारित करने मे मदद मिलती है फलतः संवेदक से वस्तुओं के विस्तार का भी पता चलता है । लिडार एकाई 4K x 4K फ्रेम आकार के डिजिटल कैमरा के साथ एकीकृत रहता है जिसका उपयोग बिम्ब को प्राप्त करने में किया जाता है । योजना के अनुसार उड़ने की सटीकता का निर्धारण करने के लिए नौवहन तथा मार्ग पुनर्प्राप्ति प्रक्रिया मंए एकाई के साथ उपलब्ध डिजिटल वीडियो कैमरा मदद पहुंचाती है

सिद्धांत

प्रचालन का सिद्धांत यह है कि वायुयान पर लगा हुआ लेजर स्कैनर उच्च आवृति के साथ लेजर पुंजों का उत्सर्जन करता है तथा प्रतिबिम्बित पुंजों को प्राप्त करता है । लेजर पुंजों के उत्सर्जन तथा प्रतिबिम्बित लेजर संकेतों की प्राप्ति में समय के अंतर को दूरी(विस्तार) को प्राप्त करने के लिए रिकॉर्ड किया जाता है । जीपीएस आंकड़ों को हवा तथा जमीन पर (प्रत्येक 20-25 किमी के लिए डीजीपीएस आधार स्टेशन) वायुयान की सटीक स्थिति को निर्धारित करने के लिए रिकॉर्ड किया जाता है । भूमि पर बिन्दु निर्देशांकों की गणना आधारित है :

  • वायुयान की स्थिति(अक्षांश/देशांतर/ऊंचाई)
  • वायुयान अभिविन्यास(रॉल/पिच/हेडिंग)
  • स्कैन कोण
  • लेजर पल्स का आने-जाने में फैलाव समय
  • वायुमंडलीय घटनाएं

अनुप्रयोग

  • नहर आरेखन
  • सड़क आरेखन
  • निकट समोच्च रेखा (कंटूर) (0.5मी अंतराल)
  • वन सर्वेक्षण
  • बाढ़ के मैदानों का मानचित्रण
  • तटीय भूआकृति

सुविधाएं

एएस एवं डीएम अत्याधुनिक सर्वेक्षण उपकरणों से लैस है तथा केजीपीएस समर्थित फोटोग्रामितीय, सटीक भूमि नियंत्रण बिन्दु के लिए डीजीपीएस सर्वेक्षण के लिए तथा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं के लिए डब्लूजीएस-84 डैटम प्रणाली में राष्ट्रीय संदर्भ ढांचे की स्थापना के लिए भी आवश्यक उच्च सटीकता सर्वेक्षण समाधानों को प्रदान करने में विशेषज्ञ है।

  • जीपीएस संदर्भ स्टेशनों की स्थापना और परिचालन
  • जीपीएस समर्थित हवाई सर्वेक्षण
  • फोटोग्रामितीय प्रक्रियाओं के लिए सटीक जीसीपी संग्रह हेतु डीजीपीएस आधारित भूमि नियंत्रण सर्वेक्षण
  • ऊंचाई नियंत्रण करने के लिए सटीक समतल सर्वेक्षण
  • विस्तृत मानचित्रण के लिए समग्र स्टेशन सर्वेक्षण
  • एन्टेना केंद्र बिन्दु (एसीपी) की स्थापना के लिए सर्वेक्षण स्थिति और दिगंश
  • जीआईएस आंकड़ा समूहों के साथ पश्च संसाधन और एकीकरण
  • दीर्घ आधाररेखा संसाधन में विशेषज्ञता

सर्वेक्षण उपकरण में भूगर्भीय गुणवत्ता द्विआवृत्ति जीपीएस रिसीवर, मानचित्रण स्तर तथा हाथ से पकड़े जाने वाले जीपीएस रिसीवर, डिजिटल लेवल तथा समग्र स्टेशन शामिल हैं । सर्वेक्षण उपकरणों की सूची देखने के लिए यहां क्लिक करें । परियोजना की विशिष्टता के अनुसार जीपीएस उपकरण विभिन्न समय दर सुविधा आंकड़ों के साथ आंकड़ों को लॉग-इन करने में सक्षम है । अभियान के दौरान संग्रहित आंकड़ों को प्रसंस्करण पश्चात उपकरणों की सहायता से संसाधित किया जाता है ।

आंकड़ा संसाधन तकनीकें

  • सटीक निर्देशांक को प्राप्त करने के लिए डीजीपीएस संसाधन
  • अनावरण स्टेशन निर्देशांकों को प्राप्त करने के लिए हवाई जीपीएस संसाधन
  • सटीक ईओ मानकों को प्राप्त करने के लिए जीपीएस+आईएमयू का संयुक्त संसाधन
  • सटीक एफेमेरीस और उपग्रह घड़ी फाईल का उपयोग करते हुए स्वतंत्र रूप में सटीक निर्देशांकों को प्राप्त करने के लिए पीपीपी तकनीक

विहंगावलोकन